छत्तीसगढ़

रेलवे को 10,783 करोड़ की सौगात छत्तीसगढ़ में बिछेंगी नई रेल लाइनें

Shantanu Roy
10 Sept 2026 7:49 PM IST
रेलवे को 10,783 करोड़ की सौगात छत्तीसगढ़ में बिछेंगी नई रेल लाइनें
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Bilaspur. बिलासपुर। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10,783 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से रेलवे की क्षमता बढ़ने के साथ यात्री सुविधाओं, माल परिवहन, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ के लिहाज से कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित होंगी।

तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेलवे के आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई रेल परियोजनाओं की मंजूरी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के माध्यम से करीब 656 किलोमीटर रेल नेटवर्क के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। इससे पांच राज्यों के 14 जिलों और लगभग 4,790 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में रहने वाले करीब 56 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिलने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के लिए दो रेल लाइनें अहम
केंद्रीय राज्य मंत्री साहू के अनुसार कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन और बिलासपुर के उसलापुर से पेंड्रा रोड तक तीसरी रेल लाइन छत्तीसगढ़ की रेल व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन रेल मार्गों पर अतिरिक्त लाइन बनने से मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। रेल लाइनों की क्षमता बढ़ने से ट्रेनों के परिचालन में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सकेगा। इससे यात्री ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होने के साथ रेल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है।

माल परिवहन क्षमता में होगा बड़ा इजाफा
इन परियोजनाओं का बड़ा लाभ माल परिवहन को भी मिलेगा। छत्तीसगढ़ सहित संबंधित क्षेत्रों से कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और इस्पात जैसी वस्तुओं का बड़े पैमाने पर रेलवे के जरिए परिवहन होता है। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेलवे की सालाना माल परिवहन क्षमता में लगभग 2.7 करोड़ टन की वृद्धि होने का अनुमान है। बेहतर परिवहन व्यवस्था का लाभ उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी मिलने की उम्मीद है। रेल नेटवर्क के विस्तार से औद्योगिक क्षेत्रों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक सुगम हो सकती है।

अमरकंटक से रतनपुर तक पर्यटन को फायदा
तोखन साहू ने कहा कि रेल परियोजनाओं का फायदा केवल यात्रियों और उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। अमरकंटक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, रतनपुर स्थित महामाया मंदिर और ऐतिहासिक मल्हार जैसे स्थलों तक बेहतर रेल संपर्क पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है। इससे स्थानीय कारोबार, रोजगार और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी
इन परियोजनाओं को पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया गया है। तोखन साहू के मुताबिक रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ने और माल परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने से लगभग 12 करोड़ लीटर आयातित ईंधन की बचत होने का अनुमान है। इसके साथ ही करीब 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने की संभावना जताई गई है। इससे रेलवे के पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। तोखन साहू ने परियोजनाओं की स्वीकृति को छत्तीसगढ़ सहित संबंधित राज्यों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से रेल यातायात, उद्योग, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिलेगा।
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